Friday, November 23, 2007

तेरी आँखों में

तेरी आँखों में
तेरी आँखों में गुलनार का रंग
तेरे ओठों पर मोहब्बत के तार
तेरी बाहों में जुही का पागलपन
तेरा आँचल फूलों का पराग


तेरे कदम सरोद के सरगम
तेरी स्मृति गुल की महक
तेरी धड़कन में मेरे गीत
तेरी कल्पनायें अंगूर की शराब

तेरी चितवन रति का मादकपन
तेरी स्मिति जुगुनू की चमक
तेरा शबाब शुफुक की लाली
तू क्षितिज का विस्तार

तेरे कपोल कश्मीरी सेब
तेरे वक्ष पर आम की मिठास
तेरी जाँघ पर सुरमई तिल
तेरी देह गुदाज़ शाम


तेरा मिलन चाँदनी रात
तेरा विछोह भू पर दरार
तेरा अंतःकरण रंगीन गुलिस्ताँ
तेरा प्रेम स्वर्गिक ज़श्न।

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