टूट गया मन का आसरा
टूट गया मन का आसरा
रात होगई बात क्या
उदास मन का बहलाव क्या
मैंने कितने स्वप्न सजाए
मेरी सारी दुनिया उजड़ी
जिसको पाया उसको खोया
कितनी प्रतीक्षा अरमान क्या
मन का मुझको मीत न मिला
प्यार का बोलो जवाब क्या
मैंने सारी निधियाँ खो दी
रात होगई बात क्या।
Saturday, November 24, 2007
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