Saturday, November 24, 2007

टूट गया मन का आसरा

टूट गया मन का आसरा

टूट गया मन का आसरा
रात होगई बात क्या
उदास मन का बहलाव क्या
मैंने कितने स्वप्न सजाए
मेरी सारी दुनिया उजड़ी
जिसको पाया उसको खोया
कितनी प्रतीक्षा अरमान क्या
मन का मुझको मीत न मिला
प्यार का बोलो जवाब क्या
मैंने सारी निधियाँ खो दी
रात होगई बात क्या।

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