Thursday, September 23, 2010

आप नहीं हैं


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी






आप नहीं हैं

आप नहीं हैं
यह सच है
अंकगणित की भाषा में
आप अकृत और शून्य हैं
किंतु आप एक अत्यधिक प्रभावशाली अंक हैं
और वह एक सशक्त प्रतिच्छाया की तरह
चल रहा है
सदैव मेरे साथ साथ
मैं आपको देखता हूँ
शुभ चन्दन की भांति
अपने शैशव की अनेक आयामों की स्मृतिओं में
मैं आपको अपने सामने खड़ा हुआ पाता हूँ
फलों से लदे दरख्त की तरह
मैं दौड़ता हूँ
भूमि से सागर की ओर
और अतिक्रूर घोरतम जंगलों से पर्वत श्रंखला की तरफ
और समूचे रास्तों पर
मैं आपको खड़े हुये पाता हूँ
हाथों में आशावादी रेखाचित्रों को लिये हुए
आप उस संयुक्त अंक के काल्पनिक भाग हैं
जिसको आप और मैं पूर्ण करते हैं
और जिससे न आपको या मुझको
अलग किया जा सकता
मैं जानता नहीं
इस अमूर्त्त की संरचना में
मै आपका कैसे वर्णन करूँ
यदि मैं एक असंतत वास्तविक अंक हूँ
आप मेरे अचेत विचारों के संसार के सुन्दर संयोजन में अनंत हैं।

Tuesday, September 21, 2010

संस्कार ने मनाया हिन्दी सप्ताह


संस्कार ने मनाया हिन्दी सप्ताह


19 सितम्बर 2010 को पूर्वी दिल्ली की साहित्यिक–सांस्कृतिक संस्था द्वारा हिन्दी दिवस का भव्य आयोजन किया गया । कार्यक्रम का शुभारंभ “असतो मा सदगमय” के उदघोष से हुआ। “ वर्षा की एक बूँद” विषय पर वक्ताओं ने काव्य अभिव्यक्तियाँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हेम भटनागर ने व संचालन रिया शर्मा ने किया। मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखक श्री दिनेश मिश्र जी ने वर्ष 2010-2011 के लिये संगच्छध्वं हिन्दी सम्मान श्री धर्म प्रकाश जैन को प्रदान किया। मंगल अक्षत पुरस्कार श्रीमती मंजुला श्रीवास्तव को दिया गया । हिन्दी की पुस्तकों की प्रदर्शनी 18 चित्र विहार में सप्ताह भर आयोजित की गई। मुख्य अतिथि ने अपने अभिभाषण में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिये संस्कार के योगदान की सराहना की।

मीना जैन