Thursday, September 23, 2010

आप नहीं हैं


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी






आप नहीं हैं

आप नहीं हैं
यह सच है
अंकगणित की भाषा में
आप अकृत और शून्य हैं
किंतु आप एक अत्यधिक प्रभावशाली अंक हैं
और वह एक सशक्त प्रतिच्छाया की तरह
चल रहा है
सदैव मेरे साथ साथ
मैं आपको देखता हूँ
शुभ चन्दन की भांति
अपने शैशव की अनेक आयामों की स्मृतिओं में
मैं आपको अपने सामने खड़ा हुआ पाता हूँ
फलों से लदे दरख्त की तरह
मैं दौड़ता हूँ
भूमि से सागर की ओर
और अतिक्रूर घोरतम जंगलों से पर्वत श्रंखला की तरफ
और समूचे रास्तों पर
मैं आपको खड़े हुये पाता हूँ
हाथों में आशावादी रेखाचित्रों को लिये हुए
आप उस संयुक्त अंक के काल्पनिक भाग हैं
जिसको आप और मैं पूर्ण करते हैं
और जिससे न आपको या मुझको
अलग किया जा सकता
मैं जानता नहीं
इस अमूर्त्त की संरचना में
मै आपका कैसे वर्णन करूँ
यदि मैं एक असंतत वास्तविक अंक हूँ
आप मेरे अचेत विचारों के संसार के सुन्दर संयोजन में अनंत हैं।

2 comments:

वीना श्रीवास्तव said...

यदि मैं एक असंतत वास्तविक अंक हूँ
आप मेरे अचेत विचारों के संसार के सुन्दर संयोजन में अनंत हैं।
एक गहरी रचना....बहुत अच्छी

Justin Martin Fill said...

http://youtu.be/w2waCM912R8

You are Not Your Anything
by Justin Martin Fill

(I was given the Spritual name Dharam Prakash by the 3HO foundation and found your blog. Here are the lyrics translated to Hindi)

(यहाँ गीत हैं हिन्दी में)
अकेला ओह
एक शब्द है जो आया था इससे पहले कि आप पता था कि यह दिल है
परिवर्तन
इस कोकून बहा शुरू से अधिक कठिन साबित होगा
लेकिन आप अपने निहित बचाया है खुद के लिए एक बड़ी कहानी के लिए

थक गये, भूख लगी है
अकेला, गुस्सा

इसे खोना की कोशिश कर रहा
इसे खोजने की कोशिश में.

ओह केवल
अब संभावना से भरा है
अब, वर्तमान
कि इस दिव्य ऊर्जा है
लगता है कि आप आप की तरह चारों ओर फैल करने के बजाय पानी को बचाने के लिए
लेकिन आप सच जब हमारे विचार एक कलंक हैं देख नहीं है.

आप अपने कुछ भी नहीं कर रहे हैं