कार्यालय
नारंगी रंग से सिक्त
काफी कप
पीली टीक की मेज पर स्थिर है अंगुलियाँ
सफेद बगुले से सराबोर हो लेपटोप पर लिखती है एक ओर दूरभाष
और है घूमता हुआ फलक निर्द्वन्द
कौन कहता है
यहाँ कार्य नहीं होता
(भले ही फाइलें और कागज
त्रिघातिय में न हों) पल पल पर रिंग टोन
आती हैं
चिन्नै , बढ़ोदा, जोरहट व मुम्बई की
बिहारी की सतसई से कम संक्षिप्त नहीं
नीली मयूर पंख की
तूलिका अदृश्य
समायोजित करती है
सहायता प्रपट व तकनीकी
सोडियम व मर्करी
लेम्पों से होता है
छाया व प्रकाश का संयुक्त वितरण स्पन्दन
पर्दों से छन छन कर
आती है सुगन्धि अकृत्रिम
- - - -
बाघ घुमावदार मार्ग पर पिंजड़े में बन्द हैं।
नारंगी रंग से सिक्त
काफी कप
पीली टीक की मेज पर स्थिर है अंगुलियाँ
सफेद बगुले से सराबोर हो लेपटोप पर लिखती है एक ओर दूरभाष
और है घूमता हुआ फलक निर्द्वन्द
कौन कहता है
यहाँ कार्य नहीं होता
(भले ही फाइलें और कागज
त्रिघातिय में न हों) पल पल पर रिंग टोन
आती हैं
चिन्नै , बढ़ोदा, जोरहट व मुम्बई की
बिहारी की सतसई से कम संक्षिप्त नहीं
नीली मयूर पंख की
तूलिका अदृश्य
समायोजित करती है
सहायता प्रपट व तकनीकी
सोडियम व मर्करी
लेम्पों से होता है
छाया व प्रकाश का संयुक्त वितरण स्पन्दन
पर्दों से छन छन कर
आती है सुगन्धि अकृत्रिम
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बाघ घुमावदार मार्ग पर पिंजड़े में बन्द हैं।
